छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में शनिवार से मानसून के दोबारा रफ्तार पकड़ने की प्रबल संभावना है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शुक्रवार शाम हुई झमाझम बारिश ने उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी साफ दिखाई देगा। इसके प्रभाव से राज्य में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी और अधिकांश हिस्सों में झमाझम बौछारें पड़ने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा पथरिया, सूरजपुर, बम्हनीडीह, उसूर और करतला जैसे इलाकों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो, यहां आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। रायपुर में आज का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। शाम के समय ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहाना हो सकता है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। इस दौरान कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने आम जनता को खराब मौसम और गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर किसानों और खुले में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों।

