छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से आगामी पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में बन रही मानसूनी प्रणालियों के कारण राज्य के मौसम में यह बदलाव आया है, जिससे उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी ही, साथ ही कृषि कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 12 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान कुछ एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की भी प्रबल संभावना जताई गई है। स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली यानी वज्रपात का खतरा भी इस दौरान काफी बढ़ गया है। विभाग ने विशेष रूप से शुरुआती दो दिनों, यानी 12 और 13 सितंबर को गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की चेतावनी जारी की है। 13 सितंबर को भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है और बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
जैसे-जैसे सप्ताह आगे बढ़ेगा, मानसून की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। आगामी 14 सितंबर को भी प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, हालांकि इस दिन विभाग की ओर से किसी प्रकार की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे आम जनजीवन सामान्य रहने की उम्मीद है।
सप्ताह के अंतिम दो दिनों यानी 15 और 16 सितंबर को बारिश का दायरा कुछ सिमट सकता है। इस दौरान राज्य के केवल कुछ चुनिंदा इलाकों में ही हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है। इन दोनों ही तिथियों के लिए भी कोई विशेष मौसम चेतावनी नहीं दी गई है, जिससे किसानों और यात्रियों को काफी हद तक राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने खराब मौसम और विशेषकर गरज-चमक के दौर के दौरान आम जनता से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है। इस दौरान लोगों को सलाह दी गई है कि वे वज्रपात के खतरे से बचने के लिए खुले स्थानों पर जाने से बचें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित पक्के भवनों के भीतर ही रहें।

