भारत सरकार ने आयकर नियम, 2026 (Income Tax Rules, 2026) की अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है। ये नियम 1 अप्रैल, 2026 से पूरे देश में प्रभावी होंगे। यह बदलाव ‘आयकर अधिनियम, 2025’ को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा।
नए नियमों का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल बनाना और अनुपालन (compliance) को आसान बनाना है। यहाँ मुख्य बदलावों की पूरी जानकारी दी गई है:
कब से लागू होंगे नियम?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के अनुसार, नए नियम 1 अप्रैल, 2026 (वित्तीय वर्ष 2026-27) से लागू होंगे। इसका मतलब है कि इस तारीख के बाद होने वाली कमाई और ट्रांजेक्शन पर नए प्रावधान लागू होंगे।
मुख्य बदलाव और उनके प्रभाव
1. HRA (मकान किराया भत्ता) में बड़ी राहत
अब तक केवल 4 मेट्रो शहरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई) में रहने वाले कर्मचारी ही अपनी सैलरी का 50% HRA छूट के रूप में क्लेम कर सकते थे। अब इस लिस्ट में 4 और शहर शामिल किए गए हैं:
नए शहर: बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद।
लाभ: इन 8 शहरों में रहने वाले लोग अब 50% HRA छूट का लाभ ले सकेंगे (बाकी शहरों के लिए यह 40% ही रहेगा)।
शर्त: अब मकान मालिक और किरायेदार के संबंधों का खुलासा करना अनिवार्य होगा।
2. बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ता (Children’s Allowance)
सालों पुराने भत्तों की सीमाओं में भारी बढ़ोतरी की गई है:
Education Allowance: ₹100 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह (अधिकतम 2 बच्चे)।
Hostel Allowance: ₹300 से बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह (अधिकतम 2 बच्चे)।
3. PAN कार्ड की अनिवार्यता और ट्रांजेक्शन लिमिट
कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए पैन (PAN) कोट करने की सीमाएं बदली गई हैं:
बैंक जमा/निकासी: एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख या उससे अधिक के लेनदेन पर PAN अनिवार्य।
प्रॉपर्टी: ₹20 लाख से ऊपर की अचल संपत्ति के लेनदेन पर PAN जरूरी (पहले ₹10 लाख था)।
वाहन: ₹5 लाख से महंगे वाहन की खरीद पर PAN देना होगा।
होटल बिल: ₹1 लाख से अधिक के होटल या रेस्टोरेंट बिल पर PAN अनिवार्य।
4. ऑफिस से मिलने वाली सुविधाएं (Perquisites)
भोजन कूपन (Meal Vouchers): टैक्स-फ्री लिमिट ₹50 से बढ़ाकर ₹200 प्रति मील कर दी गई है।
गिफ्ट/वाउचर: सालाना सीमा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है।
ब्याज मुक्त ऋण: अब नियोक्ता (Employer) से ₹2 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन लेने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा (पहले सीमा ₹20,000 थी)।
टैक्स स्लैब और अन्य अपडेट (FY 2026-27)
हालांकि नए नियम प्रक्रिया को सरल बना रहे हैं, लेकिन नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के स्लैब में फिलहाल कोई बदलाव नहीं है:
₹12 लाख तक की आय पर Zero Tax प्रभावी रहेगा (रिबेट के साथ)।
स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 पर बरकरार है।
STT (Securities Transaction Tax): फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर टैक्स की दरें बढ़ा दी गई हैं (ऑप्शंस पर 0.15% और फ्यूचर्स पर 0.05%)।
नोट: नए नियमों के तहत फॉर्मों की संख्या भी कम कर दी गई है और भाषा को इतना सरल बनाया गया है कि आम नागरिक भी आसानी से समझ सकें।

