केंद्र सरकार (विदेश मंत्रालय) ने पासपोर्ट नियमों में बड़े बदलाव करते हुए पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 को आधिकारिक गजट में अधिसूचित कर दिया है, जो नागरिकों को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इन नए संशोधनों के तहत बच्चों के पासपोर्ट की वैधता से लेकर विभिन्न श्रेणियों की आवेदन फीस में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार, 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सामान्य 36-पेज के पासपोर्ट की वैधता को संशोधित कर दिया गया है। अब ऐसे बच्चों का पासपोर्ट जारी होने की तारीख से 5 साल या उनके 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) वैध रहेगा, जबकि पहले यह नियम केवल 15 वर्ष की आयु पूरी होने तक ही सीमित था।
लंबे अंतराल के बाद सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं की फीस में भी संशोधन किया है। वयस्कों के लिए 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट की फीस ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,500 कर दी गई है, वहीं 60 पेज के सामान्य पासपोर्ट की फीस ₹2,000 से बढ़कर अब ₹3,500 हो गई है।
तत्काल कोटे के तहत पासपोर्ट बनवाने वाले आवेदकों को भी अब अधिक जेब ढीली करनी होगी। वयस्कों के लिए 36 पेज का तत्काल पासपोर्ट अब ₹3,500 की जगह ₹5,000 में बनेगा, जबकि 60 पेज का तत्काल पासपोर्ट ₹4,000 से बढ़कर ₹6,000 का हो गया है।
नाबालिग बच्चों के लिए भी सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के शुल्क बढ़ाए गए हैं, जिसके तहत बच्चों के 36 पेज के नए या री-इश्यू सामान्य पासपोर्ट की फीस ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,750 कर दी गई है और आपातकालीन जरूरतों के शुल्क भी तदनुसार संशोधित किए गए हैं।
बढ़ी हुई कीमतों के बीच सरकार ने कुछ राहत भी दी है, जिसके तहत 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए पासपोर्ट आवेदनों पर 10% की छूट पहले की तरह मिलती रहेगी, हालांकि यह रियायत पासपोर्ट के री-इश्यू मामलों पर लागू नहीं होगी।
यदि किसी का पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो इसके रिप्लेसमेंट के लिए अब चुकानी जाने वाली राशि बढ़ा दी गई है। विशेषकर तत्काल श्रेणी में 60 पेज के पासपोर्ट के नुकसान या क्षति पर रीप्लेसमेंट चार्ज बढ़कर ₹8,500 तक पहुंच गया है, जिससे यात्रियों को अब और अधिक सावधानी बरतनी होगी।



