भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के पवई कैंपस से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के बी.टेक दूसरे वर्ष के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। पिछले छह महीने में आईआईटी पवई कैंपस में आत्महत्या का यह तीसरा मामला है, जिसने शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र को एक परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र को ChatGPT पर अपलोड कर उससे जवाब तलाशते हुए पकड़ा गया था। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि छात्र के खिलाफ कोई भी औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। पकड़े जाने के बाद इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत की थी और उसे समझाया था, साथ ही यह भरोसा भी दिलाया था कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
विभागाध्यक्ष और शिक्षकों के साथ हुई इस बातचीत के बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था। लेकिन उसी शाम वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया, जिससे पूरे कैंपस में सनसनी फैल गई। इस घटना के सामने आने के बाद छात्र समुदाय में भारी आक्रोश है और छात्र प्रशासन से जवाबदेही व पारदर्शिता की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
छात्रों का कहना है कि यह कोई पहली अकेली घटना नहीं है, बल्कि इस साल ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं और केवल पिछले दो महीनों में ही इस तरह के मामले सामने आए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुख्य उद्देश्य प्रशासन से यह जानना है कि आखिर इस तरह के हालात क्यों बन रहे हैं और इसके पीछे के वास्तविक कारण क्या हैं। छात्रों का आरोप है कि संस्थान में लगातार इस तरह की घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। संस्थान ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है और कहा कि संस्थान इस मुश्किल समय में छात्र के दोस्तों, सहपाठियों, फैकल्टी सदस्यों और प्रभावित अन्य लोगों को पूरी सहायता प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही, संबंधित अधिकारी इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों के कारण छात्र ने यह कदम उठाया।
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्र की आत्महत्या के बाद बड़ी संख्या में छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकत्र हुए थे और प्रदर्शन शुरू कर दिया था। फिलहाल, आईआईटी प्रशासन छात्रों से बातचीत कर रहा है ताकि स्थिति को संभाला जा सके और कोई संतोषजनक समाधान निकाला जा सके।

