दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से बाहर आते हुए आखिरकार कैमरे के सामने वापसी कर ली है। उनके पति और प्रसिद्ध फिल्ममेकर कुकू कोहली का निधन हाल ही में अगस्त 2026 में दिल का दौरा पड़ने से हो गया था। इस अप्रत्याशित और गहरे सदमे ने अभिनेत्री को अंदर से पूरी तरह तोड़कर रख दिया था, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे का बहुत बड़ा संबल थे।
पति के निधन के बाद के शुरुआती हफ्तों के बारे में बात करते हुए अरुणा ईरानी ने बताया कि इस बड़े झटके से उबरने और खुद को मानसिक रूप से संभालने में उन्हें करीब दो महीने का लंबा वक्त लगा। डेढ़ महीने तक उनके घर पर सांत्वना देने वाले लोगों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा। इस दौरान अपनों और चाहने वालों के स्नेह ने ही उन्हें इस दुख से लड़ने की थोड़ी बहुत शक्ति दी।
अपने चाहने वालों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अभिनेत्री ने एक भावुक वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि उनके फैंस और शुभचिंतकों के अथाह प्यार और समर्थन की वजह से ही आज वह इस काबिल बन पाई हैं कि दोबारा अपने पैरों पर खड़ी होकर काम शुरू कर सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके प्रशंसक जीवन के आखिरी पल तक उनके साथ यूं ही बने रहेंगे।
दुख के इस सागर से बाहर निकलकर 81 वर्षीय अरुणा ईरानी ने अपनी अभिनय यात्रा को एक बार फिर से गति देने का फैसला किया है। काम के प्रति उनकी यह अटूट निष्ठा और लगन इस बात का प्रमाण है कि उम्र और निजी जीवन के बड़े से बड़े दुख भी उनके कला के प्रति प्रेम को कम नहीं कर सकते। फैंस उनके इस मजबूत जज्बे की जमकर सराहना कर रहे हैं।
अपने इस कमबैक के तहत अरुणा ईरानी वर्तमान में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त चल रही हैं। वह क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी सक्रियता बनाए रखते हुए दो शानदार गुजराती फिल्मों—‘चाल जीवी लाइए! पार्ट 2’ और ‘झुमकी’ की शूटिंग में पूरी शिद्दत से जुटी हुई हैं, जिन्हें लेकर दर्शकों में भी काफी उत्साह है।
सिनेमा के साथ-साथ वह छोटे पर्दे यानी टेलीविजन की दुनिया में भी धमाकेदार वापसी करने जा रही हैं। वह जल्द ही नेशनल टीवी पर प्रसारित होने वाले लोकप्रिय धारावाहिक ‘जमाना बदल गया’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। दर्शक एक बार फिर टीवी और बड़े पर्दे पर उनके शानदार अभिनय का आनंद ले सकेंगे।
अरुणा ईरानी की यह वापसी न केवल उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो जीवन में किसी बड़ी ट्रेजेडी या सदमे के बाद हार मान लेता है। उनका यह कदम साबित करता है कि कठिन से कठिन समय में भी उम्मीद का दामन थामकर आगे बढ़ना ही असली जिंदगी है।

