फारस की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाले एलएनजी (LNG) वाहक पोत ‘एमटी अल मायदा’ (M/T AL MAYEDA) पर फारस की खाड़ी में एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस खतरनाक हमले के बावजूद जहाज पर सवार सभी 6 भारतीय नाविक और चालक दल के अन्य सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी 25 क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए है। भारतीय अधिकारी लगातार जहाज की प्रबंधन कंपनी के संपर्क में हैं ताकि नाविकों की सुरक्षा और उनकी भलाई सुनिश्चित की जा सके।
पश्चिम एशिया के इन जलमार्गों पर हाल के दिनों में तनाव काफी बढ़ गया है। इसी अवधि के दौरान एक अन्य घटना में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पनामा के झंडे वाले एक अन्य टैंकर को भी निशाना बनाया गया था, जिस पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक सवार थे। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार उन जहाजों पर मौजूद भारतीय नागरिक भी सुरक्षित बताए गए हैं और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में जहाजों को रोकने या उन्हें नुकसान पहुँचाने के लिए ‘लिम्पेट माइंस’ या प्रोजेक्टाइल हमलों का सहारा लिया जा रहा है। इस तरह के हमलों का मुख्य उद्देश्य जहाजों को आंशिक रूप से क्षति पहुँचाना होता है, जिसके कारण मर्चेंट नेवी में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार गहरी होती जा रही हैं।
भारत सरकार और विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधित शिपिंग कंपनियों और स्थानीय प्रशासनिक एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रहे हैं। वैश्विक दक्षिण के देशों ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि इस तरह के नागरिक नौवहन पर हमले से ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें और सुरक्षा प्रभावित हो रही हैं।
मौजूदा क्षेत्रीय संघर्षों के बीच देश के नागरिकों और विशेषकर समुद्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। संकट के ऐसे समय में कूटनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रभावित जहाजों और उनमें सवार भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा सके या उनकी सुरक्षा में कोई चूक न हो।

