भारतीय महिला पहलवान मनीषा भानवाला ने कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर कुश्ती इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर कर लिया है। महिलाओं के 59 किलोग्राम फ्रीस्टाइल भारवर्ग में खेलते हुए उन्होंने यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की। इसके साथ ही वह सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई हैं।
यह खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा, जिसमें मनीषा का सामना अमेरिका की मजबूत पहलवान और पैन अमेरिकन चैंपियन एबिगेल नेट्टे से हुआ। मैच की शुरुआत में भारतीय पहलवान दबाव में नजर आईं और अमेरिकी खिलाड़ी ने शुरुआती बढ़त बनाते हुए मनीषा को 0-6 से पीछे कर दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबला हाथ से निकल रहा है, लेकिन मनीषा ने अपनी मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए हार नहीं मानी।
मैच के अंतिम पलों में मनीषा ने गजब का तेवर दिखाते हुए जोरदार पलटवार किया और एक के बाद एक अंक बटोरते हुए स्कोर 6-6 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी शानदार तकनीक और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए दो और अंक बटोरे और मुकाबला 8-6 से अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक कमबैक ने पूरी दुनिया का ध्यान उनकी ओर आकर्षित कर लिया।
इस स्वर्ण पदक के साथ ही मनीषा भानवाला ने देश के दिग्गज फ्रीस्टाइल रेसलर सुशील कुमार (जिन्होंने साल 2010 में यह उपलब्धि हासिल की थी) के बाद सीनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली कुल मिलाकर दूसरी भारतीय पहलवान होने का गौरव भी प्राप्त किया। उनकी इस महान उपलब्धि पर देश भर में जश्न का माहौल है और खेल प्रेमियों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।
मनीषा की इस ऐतिहासिक सफलता के अलावा भी इस विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। भारत ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक स्वर्ण, दो रजत (नीलम सिरोही और काजल ढोचक) और एक कांस्य (तनु शर्मा) सहित कुल चार पदक अपने नाम किए। मनीषा की यह जीत आने वाली पीढ़ी की महिला एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनेगी।

