यमन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों ने क्षेत्रीय तनाव को अत्यधिक बढ़ा दिया है। इसी क्रम में विद्रोहियों ने यमन के रणनीतिक शहर अदन स्थित हवाई अड्डे और राष्ट्रपति के महल (अल-माशिका पैलेस कॉम्प्लेक्स) को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन हमले किए हैं।
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता ने इन हमलों के पीछे का कारण बताते हुए दावा किया कि अदन एयरपोर्ट पर सऊदी अरब का एक मालवाही विमान उतरा था, जो यमन सरकार के सैनिकों के लिए हथियार और सैन्य साजो-सामान लेकर आया था। विद्रोहियों ने इस सैन्य गतिविधि को रोकने के लिए हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जिसके चलते वहां कई जोरदार धमाके सुने गए और उड़ानों का संचालन पूरी तरह ठप करना पड़ा।
इन हमलों से पहले हूती विद्रोहियों ने परिसर को खाली करने की चेतावनी भी जारी की थी, जिससे समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा जानी नुकसान टल गया। हालांकि, इस संघर्ष और लगातार हो रही बमबारी के कारण यमन के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
यमन के इन हालातों का असर अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी साफ तौर पर दिखने लगा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों और लगातार मंडराते खतरे को देखते हुए एअर इंडिया (Air India) और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों एयरलाइंस ने सऊदी अरब के लिए अपनी विमान सेवाओं को 14 नवंबर तक के लिए स्थगित (निलंबित) कर दिया है।
इस निलंबन के दायरे में रियाद, जेद्दा और दम्मम जैसी प्रमुख उड़ानें शामिल हैं। एयरलाइंस कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों की टिकटें इन तारीखों के लिए बुक थीं, उन्हें सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार मुफ्त रीबुकिंग का विकल्प या टिकट का पूरा रिफंड दिया जा रहा है।
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के बाद सऊदी नीत गठबंधन और हूती विद्रोहियों के बीच सैन्य टकराव और अधिक तीव्र हो गया है। सऊदी लड़ाकू विमानों द्वारा हूती नियंत्रित क्षेत्रों पर लगातार पलटवार किए जा रहे हैं, जिसके कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव का माहौल है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर गहरी नजर बनाए हुए है।

