सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर हाईकोर्ट) में न्यायव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एक साथ 6 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण कदम से राज्य के सबसे बड़े न्यायालय में जजों की कमी को दूर करने और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
कॉलेजियम द्वारा संस्तुति किए गए इन 6 नए नामों में बार कोटे और बेंच कोटे दोनों का संतुलित प्रतिनिधित्व रखा गया है। इसमें वकीलों (बार कोटे) के रूप में चार नाम—आनंद शुक्ला, रत्न निधि पुस्टी (आर.एन. पुस्टी), शशांक ठाकुर और सौरभ शर्मा शामिल हैं। इसके अलावा, न्यायिक सेवा (बेंच कोटे) से दो योग्य अधिकारियों—रजनीश श्रीवास्तव और बलराम प्रसाद वर्मा के नामों पर मुहर लगाई गई है।
वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्तियों को भरने के लिए यह प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है। हाल के दिनों में लगातार हो रही इन नियुक्तियों और सिफारिशों से उच्च न्यायालय का कामकाज और अधिक गति पकड़ रहा है, जिससे न्याय की आस लगाए बैठे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की पूरी संभावना है।
कॉलेजियम द्वारा इन सभी 6 नामों की अनुशंसा का आधिकारिक प्रस्ताव जारी होने के बाद अब इसे केंद्रीय कानून मंत्रालय के माध्यम से अंतिम मोहर के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद इन सभी नवनियुक्त न्यायविदों और अधिकारियों के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो जाएगा।

