छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राजनीतिक और चुनावी रणनीतियों को धार देते हुए आधिकारिक तौर पर ‘मिशन-2028’ का शंखनाद कर दिया है। राज्य की राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हाल ही में संपन्न बैठकों का दौर इस बड़े राजनीतिक लक्ष्य की नींव साबित हो रहा है। पार्टी ने इस बार विधानसभा चुनावों के काफी पहले से ही अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है ताकि संगठन और शासन दोनों स्तरों पर किसी भी प्रकार की सुस्ती न रहे।
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक हलचल के केंद्र में भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ राष्ट्रीय नेत्री स्मृति ईरानी रहीं। अपने दो दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी के तमाम दिग्गजों, मंत्रियों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कीं। इन बैठकों में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी का आगामी एजेंडा केवल चुनाव जीतना भर नहीं है, बल्कि जनता के बीच गहरी पैठ बनाना है।
बैठक को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया कि “मिशन-2028 सिर्फ एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, विकास और सुशासन का एक दृढ़ संकल्प है।” उनके इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, स्थानीय गौरव और विकास के मुद्दों को मुख्य हथियार बनाकर मैदान में उतरेगी।
इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कामकाज और सांगठनिक समन्वय की भी गहन समीक्षा की गई। पार्टी का मुख्य उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है, जिससे शासन की योजनाएं बिना किसी रुकावट के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर और अधिक सक्रिय करने की रणनीति पर जोर दिया गया है।
अनुशासन और कार्यशैली को लेकर भाजपा नेतृत्व इस बार बेहद सख्त मूड में नजर आ रहा है। बैठकों के दौरान नेताओं और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार से दूर रहें और पूरी तरह से केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जनता तक पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित करें। पार्टी की आईटी और सोशल मीडिया सेल लगातार नेताओं की कार्यशैली और सक्रियता पर पैनी नजर रख रही है।
इस दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारियों, सांसदों, विधायकों के अलावा विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े विचार परिवार के प्रतिनिधियों ने भी मंथन में हिस्सा लिया। सभी ने आगामी योजनाओं की रूपरेखा तैयार की और आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई। पार्टी हर एक वर्ग—चाहे वह युवा हों, महिलाएं हों या किसान—को साधने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
कुल मिलाकर, भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 2028 के सियासी रण के लिए अपनी कमर कस ली है। स्मृति ईरानी के इस दौरे और ‘मिशन-2028’ के शंखनाद ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विपक्ष को कड़ी चुनौती देने और अपनी सत्ता को और अधिक मजबूत करने के लिए भाजपा ने अभी से ही जमीनी स्तर पर चक्रव्यूह रचना शुरू कर दी है।

