केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 10वीं कक्षा के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। बोर्ड ने हाल ही में फैली उन सभी अफवाहों और कयासों पर पूर्ण विराम लगा दिया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए बोर्ड परीक्षा पास करने के नियमों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। सीबीएसई ने स्पष्ट कर दिया है कि 10वीं कक्षा के पास होने के मानदंडों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है और पुरानी व्यवस्था ही आगे भी जारी रहेगी।
इस स्पष्टीकरण के बाद छात्रों को अलग-अलग अंकों की बाध्यता से मुक्ति मिल गई है। बोर्ड के नियमानुसार, छात्रों को थ्योरी परीक्षा (80 अंक) और आंतरिक मूल्यांकन (20 अंक) में अलग-अलग पास होने की कोई आवश्यकता नहीं है। छात्र को उत्तीर्ण घोषित करने के लिए दोनों को मिलाकर कुल 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह नियम पहले की तरह ही यथावत रहेगा, जिससे कमजोर या औसत छात्रों के मन से परीक्षा का डर काफी हद तक कम हो गया है।
असमंजस की यह स्थिति तब पैदा हुई थी जब सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यक्रम और एक हालिया वेबिनार के दौरान मूल्यांकन नीति में बदलाव को लेकर कुछ चर्चाएं सामने आई थीं। इन चर्चाओं और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के कारण विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच यह डर बैठ गया था कि शायद इस बार पासिंग क्राइटेरिया को और अधिक कठिन बनाया जा रहा है। हालांकि, बोर्ड ने समय रहते इस पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
सीबीएसई के इस आधिकारिक बयान से छात्रों को अपनी परीक्षा की तैयारी करने में मानसिक रूप से काफी राहत मिली है। अब छात्र बिना किसी अनावश्यक भ्रम या तनाव के केवल अपनी पढ़ाई और बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। शिक्षकों और स्कूलों ने भी बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है, क्योंकि इससे शिक्षण प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहेगी।
बोर्ड ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें। परीक्षाओं और पाठ्यक्रम से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी या अपडेट के लिए केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर ही भरोसा करें। यह स्पष्टीकरण छात्रों के लिए नए सत्र की शुरुआत में एक सकारात्मक और अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

