दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस वर्ष इस राष्ट्रव्यापी अभियान की मुख्य थीम “स्वच्छता में सहभाग: स्वच्छ भारत, विकसित भारत” निर्धारित की गई थी, जिसके तहत मंडल भर में विभिन्न रचनात्मक और जन-जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया गया।
अभियान के दौरान रायपुर रेल मंडल ने Cleanliness Targeted Units (CTUs) के निर्माण और उनके कायाकल्प पर विशेष जोर दिया। विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से मंडल में कुल 1,045 CTUs तैयार किए गए, जिसके तहत कम ध्यान दिए जाने वाले डंपिंग स्थलों और उपेक्षित क्षेत्रों की पहचान कर उनकी समयबद्ध सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया।
स्वच्छता मानकों की नियमित निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए मंडल के अधिकारियों द्वारा लगभग 15 प्रमुख स्टेशनों तथा मंडल में आधारित लगभग सभी प्राथमिक ट्रेनों का व्यापक निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही, स्वच्छता ही सेवा पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में कुल 5,273 नागरिकों और स्वयंसेवकों ने स्वैच्छिक रूप से भाग लिया।
अभियान का एक मुख्य आकर्षण ‘कबाड़ से जुगाड़/कबाड़ से कला’ पहल रही, जिसके तहत पुराने कोचों के अनुपयोगी हिस्सों और रेलवे स्क्रैप का रचनात्मक उपयोग किया गया। 28 सितंबर 2026 को रायपुर रेलवे स्टेशन पर कुल 08 आकर्षक कला स्थापनाओं का प्रदर्शन किया गया, जिन्होंने अनुपयोगी सामग्री को सुंदर रचनाओं में बदलने का एक अनूठा संदेश दिया।
इसके अतिरिक्त, रेलवे स्कूलों में ‘स्वच्छ पाठशाला–युवा फॉर स्वच्छता’ अभियान, जल संचयन संवाद, स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटक, कचरा पृथक्करण (“अब दो नहीं, चार”) तथा प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही, प्रमुख स्टेशनों पर “सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर” लगाकर सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE किट) वितरित किए गए।

