छत्तीसगढ़ में मानसून के अंतिम दौर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय मानसूनी तंत्र के प्रभाव से वातावरण में नमी बनी हुई है और लगातार बादलों का डेरा लगा हुआ है।
रायपुर और इसके आसपास के इलाकों में आज सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा हुआ है और रुक-रुक कर फुहारें या मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा रही है। लगातार हो रही इन बारिश की गतिविधियों के कारण तापमान में भी खासी गिरावट आई है। आज दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे गिरकर लगभग 26 डिग्री से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के जानकारों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने कम दबाव के सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इस मौसमी तंत्र के चलते राज्य के कई संभागों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात (आसानी चमकने) की चेतावनी जारी की गई है।
इस मूसलाधार बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को तो पर्याप्त पानी मिल रहा है, लेकिन लगातार जलभराव के चलते निचले इलाकों में कुछ मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है, जिससे तापमान में ठंडक बरकरार रहेगी।
आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की बात करें तो सितंबर के आखिरी सप्ताह में इस मानसूनी तंत्र का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर यूं ही जारी रह सकता है, जिसके बाद मौसम के साफ होने और धूप निकलने के आसार हैं।

