देश की राजधानी नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस बड़े कूटनीतिक आयोजन को लेकर शहर के मुख्य मार्गों और प्रमुख चौराहों को भव्य पोस्टरों, आकर्षक सजावटी लाइटों और आधुनिक कलाकृतियों से सजाया गया है, जिससे लुटियंस दिल्ली समेत समूची राजधानी में एक उत्सव जैसा माहौल नजर आ रहा है। यह दो दिवसीय महासम्मेलन प्रगति मैदान स्थित आधुनिक भारत मंडपम के अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित होगा, जहां कई शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक मंच पर जुटेंगे।
इस वर्ष दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन का मुख्य आधिकारिक विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” तय किया गया है। शुरुआत में केवल ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ शुरू हुए इस संगठन की पहली विदेश मंत्री स्तर की औपचारिक बैठक साल 2006 में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी, जबकि पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ था। इसके बाद 2011 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से यह समूह ‘ब्रिक्स’ के रूप में स्थापित हुआ और हाल के वर्षों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई तथा इंडोनेशिया के जुड़ने के बाद वर्तमान में 11 पूर्णकालिक सदस्यों के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में बेहद निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
विश्वस्तरीय नेताओं, विदेशी राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों की गरिमामयी मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक बेहद चाक-चौबंद व विस्तृत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विदेशी डेलिगेशन के सुरक्षित व निर्बाध आवागमन और आम नागरिकों की सहूलियत के बीच संतुलन साधने के लिए व्यापक सुरक्षा व आवागमन प्रोटोकॉल जमीन पर उतार दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के जवान निर्धारित रूटों पर मोटरकेड का लगातार रिहर्सल कर रहे हैं और सभी अधिकारियों को रियल-टाइम मैनेजमेंट के लिए विशेष ब्रीफिंग दी गई है, ताकि 11 से 13 सितंबर के दौरान दिल्ली की रफ्तार न थमे।
वीआईपी काफिले की सुगम आवाजाही के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए शहर में 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा 35 से ज्यादा ऐसी व्यस्त सड़कों की पहचान की गई है जहां वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित या डायवर्ट किया जाएगा। यह व्यवस्था मुख्य रूप से नई दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली और इनसे जुड़े प्रमुख कनेक्टिंग रूटों पर लागू रहेगी, जहां काफिला गुजरने के दौरान कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता और दैनिक यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से तैयार रखें, वैकल्पिक मार्गों का चयन करें और निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो जैसी सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें।

