भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक भव्य और व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ की रूपरेखा तैयार की है। इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देशव्यापी आयोजनों की विस्तृत योजना साझा की है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इस अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री के जन्मस्थान गुजरात के वडनगर से लेकर उनकी कर्मभूमि और संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जाने वाली विशाल ‘सेवा यात्रा’ होगी। यह अनूठी यात्रा देश के लगभग 17 राज्यों से होकर गुजरेगी, जिसमें युवाओं की विशेष टोलियां शामिल होंगी और यह यात्रा दोनों स्थानों की सांस्कृतिक तथा राजनीतिक एकता का प्रतीक बनेगी।
पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रधानमंत्री का जन्मदिन हमेशा से सेवा के रूप में मनाया जाता है, लेकिन इस बार आगामी 7 अक्टूबर को उनके शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के कारण इसे ऐतिहासिक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस सिलसिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने का विशेष ‘सेवा पखवाड़ा’ चलाया जाएगा, जिसके तहत देश भर में जन-कल्याणकारी और सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अभियान के तहत 17 सितंबर को जन्मदिन के अवसर पर देश भर में बड़े पैमाने पर रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही शाम को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत लाभार्थी परिवारों और नागरिकों द्वारा अपने घरों में दीप जलाकर प्रधानमंत्री के दीर्घायु जीवन और राष्ट्रसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा।
इस पूरे एक महीने के दौरान स्कूली छात्रों के लिए ‘विकसित भारत’ विषय पर पेंटिंग, भाषण और इनोवेशन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, आगामी 7 अक्टूबर को विशेष ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसमें देश के विभिन्न जिलों में बाइक रैलियां और पदयात्राएं आयोजित कर नागरिकों को विकास का संकल्प दिलाया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक सफर के दौरान देश को निराशा और ‘फ्रैजाइल फाइव’ की अर्थव्यवस्था से निकालकर दुनिया की सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था और एक मजबूत राष्ट्र बनाया है। इस यात्रा और अभियानों का मुख्य उद्देश्य सरकार की इन सभी ऐतिहासिक उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।
इस भव्य आयोजन के माध्यम से बीजेपी की रणनीति एक तरफ जहां आम जनता और युवाओं के साथ अपने जुड़ाव को और अधिक मजबूत करने की है, वहीं दूसरी ओर यह राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश देने का भी एक अनूठा प्रयास है। युद्ध स्तर पर शुरू की गई इन तैयारियों से साफ है कि यह पूरा पखवाड़ा देश भर में मुख्य राजनीतिक और सामाजिक आकर्षण का केंद्र रहेगा।

