महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक घोटालों के विरोध में पुणे की सड़कों पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। हजारों की संख्या में जेन-जी (Gen-Z) प्रतियोगी छात्रों ने पुणे के ओंकारेश्वर मंदिर से जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक विशाल ‘विद्यार्थी आक्रोश मोर्चा’ निकाला। इस प्रदर्शन के कारण पुणे का माहौल काफी हद तक दिल्ली के जंतर-मंतर जैसा नजर आया, जहां युवा हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर सरकार व आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन का मुख्य केंद्र हाल ही में ड्रग इंस्पेक्टर (Drug Inspector) परीक्षा में सामने आया कथित पेपर लीक घोटाला और चयन प्रक्रिया में धांधली है। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि सालों तक दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को अंत में केवल पेपर लीक, भ्रष्टाचार और निराशा ही मिलती है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने MPSC के चेयरमैन और सचिव के तत्काल इस्तीफे की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि जब तक आयोग के शीर्ष पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग जवाबदेह नहीं बनेंगे, तब तक पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा होना असंभव है। इसके साथ ही, छात्रों ने गिरफ्तार अधिकारियों के कार्यकाल की सभी परीक्षाओं के फॉरेसिक ऑडिट कराने और मुंबई क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है।
छात्रों के इस जन-आंदोलन को विपक्षी दलों का भी व्यापक समर्थन मिला है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद सुप्रिया सुले और विधायक रोहित पवार सहित कई नेता छात्रों के बीच पहुंचे और उनके संघर्ष के प्रति एकजुटता प्रकट की। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही छात्रों की जायज मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।
बढ़ते दबाव के बीच MPSC के चेयरमैन विवेक भीमराव ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितता के मामले उनके कार्यभार संभालने से पहले के हैं और आयोग इस मामले में पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज करा चुका है। हालांकि, छात्र इन औपचारिक बयानों से संतुष्ट नहीं हैं और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार तथा भविष्य की परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

