ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने फारसी नववर्ष ‘नवरोज़’ के अवसर पर एक लिखित संदेश जारी कर अपने जीवित होने की पुष्टि की है। ईरानी टेलीविजन पर पढ़े गए इस बयान में उन्होंने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चुनौती दी। मुज्तबा ने कहा कि नेतृत्व को खत्म कर सरकार गिराने का पश्चिमी देशों का भ्रम अब टूट रहा है और ईरानी जनता पहले से कहीं अधिक एकजुट है।
युद्ध के पहले दिन अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद सत्ता संभालने वाले मुज्तबा अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। अमेरिकी और इज़रायली अधिकारियों का दावा था कि वे सैन्य हमलों में घायल हो चुके हैं, लेकिन इस नए संदेश के जरिए उन्होंने शासन की मजबूती का प्रदर्शन किया है। उन्होंने ईरानी नागरिकों द्वारा शहरों और मस्जिदों में बनाए गए “मजबूत गढ़ों” की सराहना करते हुए कहा कि इससे दुश्मन हैरान और परेशान है।
अपने संदेश में मुज्तबा ने पिछले एक साल के दौरान ईरान द्वारा झेले गए तीन बड़े संकटों का उल्लेख किया। उन्होंने जून के युद्ध, जनवरी में आर्थिक समस्याओं के जरिए की गई तख्तापलट की कोशिश और वर्तमान में चल रहे सीधे सैन्य संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इज़रायल ने शीर्ष नेताओं को शहीद कर ईरान में डर फैलाकर देश के टुकड़े करने की साजिश रची थी, जो पूरी तरह विफल रही है।
मुज्तबा खामेनेई ने युद्ध में जान गंवाने वाले नागरिकों और सुरक्षा बलों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मिनाब स्कूल के बच्चों, आईआरजीसी, सेना, पुलिस और सीमा रक्षकों के बलिदान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शहीदों के परिवारों का धैर्य ही ईरान की असली शक्ति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अब किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और दुश्मन के “अतार्किक” हमलों का डटकर मुकाबला करेगा।

