गुजरात के ऐतिहासिक और वास्तुकला के अनूठे प्रतीक मोढेरा सूर्य मंदिर ने अपनी स्थापना के गौरवशाली 1,000 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर और मंदिर की सहस्राब्दी को देश भर में यादगार बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011 के तहत एक आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर 100 रुपए का विशेष स्मारक सिक्का लाने की विधिवत घोषणा कर दी है। इस नोटिफिकेशन के जरिए “सिक्का निर्माण (गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर के 1000 वर्ष के अवसर पर स्मारक सिक्के का निर्गम) नियम, 2026” को औपचारिक रूप दे दिया गया है।
इस विशेष 100 रुपए के सिक्के की बनावट और डिज़ाइन को बेहद आकर्षक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सिक्के के अगले हिस्से के ठीक केंद्र में अशोक स्तंभ का ‘सिंह शीर्ष’ उकेरा गया होगा, जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा होगा। इसके साथ ही बाईं तरफ देवनागरी लिपि में ‘भारत’ और दाईं तरफ अंग्रेजी में ‘INDIA’ के साथ-साथ रुपये का प्रतीक चिह्न (₹) और अंतरराष्ट्रीय अंकों में ‘100’ अंकित होगा।
सिक्के के पिछले हिस्से पर मोढेरा के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर की भव्य तस्वीर या मोटिफ को केंद्र में जगह दी गई है। मंदिर के इस मोटिफ के ठीक ऊपर सहस्राब्दी को दर्शाते हुए वर्ष “1026–2026” दर्ज किए गए हैं। इसके निचले हिस्से में अंग्रेजी में “1000 YEARS OF MODHERA SUN TEMPLE, GUJARAT” स्पष्ट रूप से लिखा होगा, जो इस महान वास्तुकला के एक हजार साल पूरे होने की गवाही देगा।
इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो इस भव्य सूर्य मंदिर का निर्माण सोलंकी राजवंश के राजा भीम प्रथम के शासनकाल के दौरान 11वीं शताब्दी की शुरुआत यानी लगभग 1026 ईस्वी में हुआ था। भगवान सूर्य देव को समर्पित यह मंदिर अपनी उत्कृष्ट मारू-गुर्जरा वास्तुकला शैली, दीवारों पर की गई बारीक़ नक्काशी और खगोल विज्ञान व वास्तुकला के अनूठे संगम के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।
इस मंदिर परिसर की एक और प्रमुख विशेषता इसका विशाल ‘सूर्य कुंड’ (एक ऐतिहासिक और भव्य सीढ़ीदार बावड़ी) है, जो अपनी ज्यामितीय खूबसूरती और कलात्मक छोटे मंदिरों के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह मंदिर इस तरह से डिजाइन किया गया है कि सूर्य की पहली किरणें सीधे इसके गर्भगृह को रोशन करती हैं, जो उस काल के शिल्पकारों की वैज्ञानिक और खगोलीय समझ का अद्भुत प्रमाण है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित यह राष्ट्रीय महत्व का स्मारक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर गौरवान्वित करता है। सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला यह 100 रुपए का नया सिक्का देश की प्राचीन कला, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के साथ-साथ इस ऐतिहासिक धरोहर को चिरस्थायी बनाएगा।

