छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए निम्न दबाव के क्षेत्र की वजह से मानसूनी गतिविधियों में जबरदस्त तेजी आई है। इस मौसमी बदलाव के चलते अगस्त के अंतिम दिनों से लेकर सितंबर के शुरुआती दिनों तक पूरे राज्य में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह नया बारिश का दौर 30 अगस्त से शुरू होकर आगामी 3 सितंबर तक लगातार सक्रिय रह सकता है। इस पांच दिवसीय अवधि के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि कुछ विशेष स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी आशंका जताई गई है। इस सक्रियता से उन इलाकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है जहां पिछले कुछ हफ्तों से बारिश की गतिविधियां धीमी पड़ गई थीं।
राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा और समय-समय पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। रायपुर में आज दिन का अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।
बारिश के इस नए तंत्र का असर छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली और कोरिया जैसे जिलों में विशेष रूप से बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है।
इन जिलों के अलावा दक्षिण और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई अन्य हिस्सों में भी मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। प्रशासन ने इन सभी इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
यदि पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शंकरगढ़ में सबसे अधिक 6 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा ओडगी में 4 सेंटीमीटर, करतला में 3 सेंटीमीटर और छुरा, लटोरी, सूरजपुर, डोंगरगांव, कुसमी तथा छाल जैसे क्षेत्रों में 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। महासमुंद, कोरबा और रायपुर एयरपोर्ट समेत कई अन्य स्थानों पर भी 1-1 सेंटीमीटर वर्षा आंकी गई है।
इस पूरे मानसूनी सीजन के अब तक के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल बारिश सामान्य से लगभग 4 फीसदी कम दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के शुरुआती दिनों में शुरू हुआ यह भारी बारिश का दौर राज्य में बारिश के इस घाटे को काफी हद तक पूरा कर देगा। धान की फसल के लिए इस समय पानी की आवश्यकता को देखते हुए किसानों के लिए यह मानसूनी सक्रियता बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।
भारी बारिश के इस दौर के दौरान कुछ संभावित जोखिमों को लेकर भी प्रशासन और मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है, और कई स्थानों पर नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहता है, जिसके चलते नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

