छत्तीसगढ़ में मौसम के बदलते मिजाज और लगातार हो रही बारिश के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर में इस घातक वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे चिकित्सा अमला और आम नागरिक दोनों ही सतर्क हो गए हैं।
शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में एक ही दिन में स्वाइन फ्लू के 26 नए संक्रमित मिलने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही राज्य में इस सीजन में कुल मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 205 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।
बढ़े हुए कुल मामलों में से वर्तमान में 57 मरीज एक्टिव श्रेणी में हैं, जिनका इलाज जारी है। इनमें से 44 संक्रमितों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि 13 मरीज अपने घरों पर ही होम आइसोलेशन में रहकर उपचार ले रहे हैं। गनीमत यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति फिलहाल गंभीर नहीं बताई जा रही है।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी रायपुर इस संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। अब तक अकेले रायपुर जिले में ही 89 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा बिलासपुर और दुर्ग जिले भी इस संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां 26-26 मरीज सामने आए हैं।
शुक्रवार को सामने आए 26 नए मामलों में भी रायपुर सबसे आगे रहा, जहां 12 नए संक्रमित मिले। इसके साथ ही बिलासपुर में 6, दुर्ग में 4, बालोद में 2, और जांजगीर तथा महासमुंद में 1-1 नए मरीज की पुष्टि हुई है, जिससे संक्रमण का दायरा लगातार फैल रहा है।
रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के अलावा प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी स्वाइन फ्लू के पैर पसारने की खबर है। कोरबा में 11, रायगढ़ में 10 और धमतरी में 9 मरीज मिल चुके हैं। इसके अतिरिक्त महासमुंद, राजनांदगांव, बस्तर, बेमेतरा और कांकेर सहित कई अन्य जिलों में भी इक्का-दुक्का मामले सामने आए हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा समूह के H1N1 वायरस से फैलने वाला संक्रमण है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए दूसरों तक पहुंचता है, जिसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और शरीर में तेज दर्द शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बदलते मौसम के इस दौर में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को संक्रमण का ज्यादा खतरा रहता है, इसलिए जरा भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की गई है।

