छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए मंत्रियों एवं पुलिस अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की परंपरा को समाप्त कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य प्रोटोकॉल में सादगी लाना और पुलिस बल की ऊर्जा को कानून-व्यवस्था एवं जनसेवा जैसे मूल कार्यों में अधिक प्रभावी ढंग से लगाना बताया गया है।
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सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार अब केवल संवैधानिक दायित्वों से जुड़े विशेष अवसरों पर ही निर्धारित मानकों के तहत गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इस निर्णय को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जिससे पुलिस व्यवस्था में अनुशासन, कार्यकुशलता और जनता के प्रति जवाबदेही को और मजबूत किया जा सकेगा।
