नई दिल्ली। Digital Arrest Scam: नई दिल्ली से साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। मोबाइल पर लॉटरी, निवेश दोगुना करने या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे डरावने हथकंडों से लोगों को ठगने वाले गिरोहों पर लगाम कसने के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने देशभर में 336 साइबर कमांडो तैनात कर दिए हैं।
ये कमांडो अस्पतालों पर साइबर हमले से लेकर स्कूलों में फर्जी धमकी कॉल और बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड तक से निपटने के लिए प्रशिक्षित हैं। पिछले पांच वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में आठ गुना वृद्धि दर्ज की गई है और हर दिन औसतन 6 हजार साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं।
अधिकारियों ने साफ किया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं होती, यह केवल ठगी का तरीका है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, अनजान वीडियो कॉल न उठाने और सोशल मीडिया निवेश सलाह से बचने की अपील की गई है। सरकार की योजना अगले पांच वर्षों में 5000 साइबर कमांडो तैनात करने की है, ताकि अंडमान से मुंबई तक किसी भी साइबर हमले का तुरंत जवाब दिया जा सके।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या है ।
इस ठगी में अपराधी खुद को पुलिस, CBI, ED, या कोर्ट अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या फोन के जरिए पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” में होने का डर दिखाते हैं।
वे कहते हैं कि आपके आधार, सिम कार्ड या बैंक खाते का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि में हुआ है और तुरंत “जांच” के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं।
अक्सर वे नकली पहचान दिखाकर डर और दबाव बनाते हैं।
336 साइबर कमांडो कैसे करेंगे मदद ।
देशभर में विशेष रूप से प्रशिक्षित 336 साइबर कमांडो तैनात किए जा रहे हैं
शिकायत मिलते ही तुरंत टेक्निकल ट्रैकिंग शुरू होगी
संदिग्ध बैंक खातों को जल्दी फ्रीज किया जाएगा
अंतरराज्यीय गैंग पर समन्वित कार्रवाई होगी
डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट से सबूत जुटाए जाएंगे
इससे पीड़ितों को तेजी से राहत मिलने की उम्मीद है।
अगर आप शिकार हो जाएं तो क्या करें?
तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें
वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें: https://cybercrime.gov.in
अपने बैंक को तुरंत सूचित करें
किसी भी अनजान वीडियो कॉल/स्क्रीन शेयरिंग से बचें
OTP, UPI PIN या बैंक डिटेल्स कभी साझा न करें
याद रखें
कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती
पुलिस या CBI कभी भी फोन पर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती
डर और जल्दबाजी – यही ठगों का सबसे बड़ा हथियार है
सरकार और एजेंसियों की इस नई पहल से डिजिटल ठगी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। जागरूक रहें, सतर्क रहें और तुरंत शिकायत करें।

