छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले भोरमदेव मंदिर परिसर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भोरमदेव कॉरिडोर का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र को प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस परियोजना से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे का व्यापक विकास किया जाएगा।
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प्रस्तावित कॉरिडोर में दर्शन पथ, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक प्रवेश-निकास व्यवस्था, पार्किंग, यात्री सुविधाएं, सांस्कृतिक स्थल और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। राज्य सरकार का मानना है कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर भोरमदेव की पहचान और मजबूत होगी।
